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हमारी मदद करें

सैकड़ों घंटों की रिकॉर्डिंग, साक्षात्कार, गीत और आर्काइवल  सामग्री पहले ही जुटाई जा चुकी है। अब चुनौती इस परियोजना को शुरू करने की नहीं, बल्कि इस विस्तृत संग्रह को छह पूर्ण फिल्मों का रूप देने की है।

हम पहली फिल्म ​‘जात’ को पूरा करने और पूरी श्रृंखला की नींव रखने के लिए आपकी मदद मांग रहे हैं।

हम कौन हैं

L’Atelier Bhimraya, India Bhimraya को संचालित करने वाली एक गैर‑लाभकारी संस्था है। इसे उस परियोजना को एक स्थायी रूप देने के लिए बनाया गया है, जो भारत में बीस से अधिक वर्षों के शोध, फ़िल्मांकन, अर्काइवल और लंबे समय में बने रिश्तों से आकार लेती रही है।

समय के साथ बनी एक टीम

‘India Bhimraya’ लंबे समय से चले आ रहे आपसी सहयोग के माध्यम से विकसित हुआ है, जिसमें शोध, फील्डवर्क, छायांकन ध्वनि और संपादन के स्तर पर गहन कार्य हुआ है। कुछ सदस्य कई वर्षों से इस परियोजना के साथ निरंतर जुड़े हुए हैं, तो वहीं अन्य लोग तब शामिल हुए जब यह विशाल संग्रह धीरे-धीरे छह फिल्मों की एक श्रृंखला का रूप लेने लगा

जोएल कैबेलियन

सीरीज़ डायरेक्टर और रिसर्चर, सेक्रेटरी, L’Atelier Bhimraya 

मृना रीबे

सह‑निदेशक, अध्यक्ष L’Atelier Bhimraya 

जूलियन जुगांड

मानव विज्ञान, संगीत और ध्वनि 

विनोद चाहांङे 

फील्ड साथी और सीरीज़ की आवाज़

साइमन बोर्जा और थिएर्र्य रामदिर 

अनुसंधान और वैज्ञानिक सहयोग 

फिलिप्पे पेरेइरा 

लीड वीडियो एडिटर और एडिटिंग कोऑर्डिनेशन 

नितिन सिंह चौहान 

छवि, ड्रोन और डिज़ाइन

मयूर कुडुपले 

शोध और मराठी-हिंदी भाषा में कार्य 

विद्या धरप 

मराठी और हिंदी भाषा का काम 

नवाज शरीफ 

कार्टोग्राफी और स्थानिक पुनर्निर्माण

रचनात्मक सहयोग

जैसे-जैसे यह फिल्म‑श्रृंखला अपने अंतिम रूप की ओर बढ़ रही है, नई साझेदारियाँ इस परियोजना को दृश्य कलाओं और सार्वजनिक प्रस्तुति के नए आयाम दे रही हैं।

सिद्धेश गौतम/बेकरी प्रसाद

कलात्मक और ग्राफिक पहचान 

मिरांज

वेब साइट के डिजाइन और विकास

उत्तम कांबले

लेखक और जात के केंद्रीय कथावाचक

एक प्रोजेक्ट जो धीरे-धीरे सामूहिक सामुहिक प्रयासो से बनी

‘India Bhimraya’ की शुरुआत जिन लोगों ने की, उनके अनवरत परिश्रम, व्यक्तिगत संसाधनों और आपसी रिश्तों के बल पर यह परियोजना वर्षों तक आगे बढ़ती रही। समय के साथ इसका दायरा बढ़ता गया और यह एक बड़ा सामूहिक प्रयास बन गई I जहाँ सिनेमा, शोध, फील्डवर्क, संगीत, आर्काइव, भाषाएँ, दृश्य कलाएँ और  मैपिंग आपस में जुड़ते चले गए।

‘L’Atelier Bhimraya’ की स्थापना इसी पूरे समूह को एक साझा और स्थाई आधार देने के लिए की गई थी। इस संस्था का सहयोग करने का सीधा अर्थ हैI परियोजना को उसके अगले चरण तक पहुँचाना: छहों फिल्मों को पूरा करना, इसमें योगदान देने वाले सभी सहयोगियों को उचित पारि-श्रमिक देना, बीस से अधिक वर्षों में तैयार हुए इस संग्रह को सुरक्षित रखना और ​‘India Bhimraya’ को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना।