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संघटन

‘L’Atelier Bhimraya’ वह गैर‑लाभकारी (Non-profit) संस्था है जो ​‘India Bhimraya’ परियोजना का संचालन करती है। भारत में 20 से अधिक वर्षों के शोध, फ़िल्मांकन, आर्काइवल कार्य और व्यक्तिगत संबंधों के बल पर उभरी इस पहल को एक स्थायी आधार देने के लिए ही इस संस्था का गठन किया गया है।

यह संस्था छहों फिल्मों को पूरा करने व उनके प्रदर्शन के साथ‑साथ, इसके आर्काइव को सुरक्षित रखने और साझा करने का कार्य करती है। इसके अलावा, इस श्रृंखला के माध्यम से आकार ले रहे कलात्मक, अकादमिक और भारत‑फ़्रांसीसी सहयोग को भी यह बढ़ावा देती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य इस दीर्घकालिक प्रयास को फिल्मों और संग्रह का एक सर्वसुलभ व सामूहिक रूप देना हैI तथा आवश्यक भौतिक, संपादकीय एवं संस्थागत ढांचा प्रदान करके इसे इसके मूल विचार से भी आगे ले जाकर निरंतर विस्तार देना है।

LA Bstamp

दृष्टि और लक्ष्य

‘L’Atelier Bhimraya’ उन सामाजिक और राजनीतिक संसारों को दर्ज करने, संरक्षित रखने और साझा करने के लिए समर्पित है जिन्हें मुख्यधारा की कथाओं में अक्सर हाशिए पर धकेल दिया जाता है। डॉक्यूमेंट्री निर्माण, दीर्घकालिक फील्डवर्क, आर्काइवल रिसर्च, अनुवाद, सार्वजनिक प्रदर्शन और सहयोगात्मक सांस्कृतिक पहलों के माध्यम से यह संस्था जाति, विस्थापन, ग्रामीण बदलाव, सामाजिक आंदोलनों, असमानता और सामूहिक प्रतिरोध से जुड़ी छवियों, आवाज़ों व इतिहासों को एक साथ लाती है।

दीर्घकालिक भारत‑फ़्रांसीसी सहयोग में गहराई से रची-बसी यह संस्था शोध, कलात्मक अभ्यास और सार्वजनिक बहस के बीच संवाद स्थापित करती है। ​‘India Bhimraya’ से आगे बढ़कर भी इसका मुख्य उद्देश्य अभिलेखों, साझा मुलाक़ातों और आलोचनात्मक दृष्टिकोण के लिए एक स्थायी मंच तैयार करना है—जो दक्षिण एशिया और फ्रांस को गरिमा, समानता व सामाजिक न्याय के व्यापक प्रश्नों से जोड़ता है।

ब्यूरो

जोएल कैबेलियन

सचिव

समाजशास्त्री और मानवशास्त्री जोएल कबालियों  बीस से अधिक वर्षों से भारत में विशेष रूप से महाराष्ट्र में जाति, कृषि परिवर्तन, विस्थापन, बड़े बाँधों और सामाजिक आंदोलनों पर शोध कर रहे हैं। ​‘India Bhimraya’ इसी दीर्घकालिक कार्य से विकसित हुआ है; जिसमें उन्हीं गाँवों और परिवारों के पास बार‑बार लौटकर, समय के साथ घटते सामाजिक परिवर्तनों को कैमरे में दर्ज किया गया है। वे इस श्रृंखला के शोध व संपादकीय निर्देशन का नेतृत्व कर रहे हैं तथा मरिना रीबी के साथ फिल्मों के सह‑निर्देशक की भूमिका निभा रहे हैं।

मृना रीबे

अध्यक्ष

Mrina Reebye India Bhimraya की सह‑निर्देशक हैं और इसके फिल्ड वर्क तथा सिनेमाई विकास से निकटता से जुड़ी रही हैं। वे फ़िल्मों के निर्देशन, उनकी कथात्मक और दृश्य संरचना, तथा विशाल फ़ुटेज‑संग्रह , मुलाक़ातों, रोज़मर्रा के दृश्यों, यात्राओं, अभिलेखों और बार‑बार लौटकर किए गए फील्ड वर्क  को एक सुसंगत डॉक्यूमेंटरी शृंखला में रूपांतरित करने में योगदान देती हैं। लोगों के जीवन और उनकी यात्राओं को उनकी जटिलता कम किए बिना प्रस्तुत करने के परियोजना के प्रयास में उनका कार्य केंद्रीय है।

बुरहान अलिटी

कोषाध्यक्ष

Burhan Aliti L’Atelier Bhimraya के साथ श्रमिक‑वर्ग और हाशिए पर स्थित शहरी इलाक़ों के समुदायों के साथ पच्चीस वर्षों के जुड़ाव का अनुभव लाते हैं। उनकी भागीदारी इस विश्वास पर आधारित है कि एकजुटता, प्रभुत्व के विरुद्ध प्रतिरोध के सबसे सशक्त रूपों में से एक है।

संपर्क में रहो

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